अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव मेरा यह व्याख्यान आश्चर्यजनक रूप से एक बिल्कुल नए विषय पर है।* हम लोग ”सामूहिक पहचान”(कलेक्टिव आइडेंटिटी),…
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव मेरा यह व्याख्यान आश्चर्यजनक रूप से एक बिल्कुल नए विषय पर है।* हम लोग ”सामूहिक पहचान”(कलेक्टिव आइडेंटिटी),…
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव हमारी समकालीन सत्ता को कायम रहने के लिए अतीत को बदलना दो वजहों से महत्वपूर्ण है। एक…
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव दुनिया भर के देश निरंतर युद्ध लड़ते रहते हैं। कोई आंतरिक तो कोई बाहरी। ऐसा बीते कई…
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव इस दुनिया के दर्ज इतिहास में, शायद नवपाषाण युग के अंत से लेकर अब तक केवल तीन…
-अनिल के चौधरी और दिलीप उपाध्याय दो विश्व युद्ध, हिरोशिमा-नागासाकी पर बमबारी, तीसरे रीश का उद्भव और पराभव, औपनिवेशिक शासन…
समुदाय में संवैधानिक मूल्य स्थापित करने में हमारी भूमिका स्वतंत्रता समानता न्याय और बंधुत्व लोकतंत्र की आत्मा है। लोकतान्त्रिक समाज…
मौलिक अधिकार एवं नीति निर्देशक तत्व संविधान सभा की 75 सदस्यीय परामर्श समिति ने मौलिक अधिकारों के निर्धारण के लिए…
संवैधानिक मूल्य और मौलिक अधिकारों का अंतर्संबंध संवैधानिक मूल्यों पर चर्चाओं में बार–बार उस समय भटकाव आता है जब प्रतिभागी…
संविधान निर्माण की संक्षिप्त प्रक्रिया ‘हम भारत के लोग’ अपने संविधान को अंगीकार किए हुए 74 वर्ष पूरे करने जा…
भारतीय संविधान की प्रस्तावना और संवैधानिक मूल्य भारत का संविधान ‘प्रस्तावना’ से प्रारंभ होता है। प्रस्तावना में संविधान के आदर्श,…
