भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव अंबेडकर ने यह भाषण नवंबर 1949 में नई दिल्ली में दिया था। 300 से ज्यादा… Read More "एक प्रजातंत्र में जन आंदोलनों का स्थान, करिश्माई नेताओं का अंधानुकरण और मात्र राजनीतिक प्रजातंत्र की सीमाएं- भीमराव अंबेडकर"

भारतीय संविधान के निर्माता भीमराव अंबेडकर ने यह भाषण नवंबर 1949 में नई दिल्ली में दिया था। 300 से ज्यादा… Read More "एक प्रजातंत्र में जन आंदोलनों का स्थान, करिश्माई नेताओं का अंधानुकरण और मात्र राजनीतिक प्रजातंत्र की सीमाएं- भीमराव अंबेडकर"
(अभिनेता बलराज साहनी ने यह कालजयी भाषण 1972 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दीक्षांत समारोह में दिया था।) लगभग… Read More "‘हमें आज़ादी तो मिल गई है पर पता नहीं कि उसका करना क्या है’ – बलराज साहनी"
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव मेरा यह व्याख्यान आश्चर्यजनक रूप से एक बिल्कुल नए विषय पर है।* हम लोग ”सामूहिक पहचान”(कलेक्टिव आइडेंटिटी),… Read More "पहचान की राजनीति और वामपंथ – एरिक हॉब्सबॉम"
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव हमारी समकालीन सत्ता को कायम रहने के लिए अतीत को बदलना दो वजहों से महत्वपूर्ण है। एक… Read More "अतीत और आज़ादी के बारे में – जॉर्ज ऑर्वेल, 1984"
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव दुनिया भर के देश निरंतर युद्ध लड़ते रहते हैं। कोई आंतरिक तो कोई बाहरी। ऐसा बीते कई… Read More "युद्ध के बारे में – जॉर्ज ऑर्वेल, 1984"
अनुवाद: अभिषेक श्रीवास्तव इस दुनिया के दर्ज इतिहास में, शायद नवपाषाण युग के अंत से लेकर अब तक केवल तीन… Read More "बराबरी और अज्ञानता के बारे में – जॉर्ज ऑर्वेल, 1984"
-अनिल के चौधरी और दिलीप उपाध्याय दो विश्व युद्ध, हिरोशिमा-नागासाकी पर बमबारी, तीसरे रीश का उद्भव और पराभव, औपनिवेशिक शासन… Read More "चौराहे पर भारत: बीसवीं सदी में राजनीति"
समुदाय में संवैधानिक मूल्य स्थापित करने में हमारी भूमिका स्वतंत्रता समानता न्याय और बंधुत्व लोकतंत्र की आत्मा है। लोकतान्त्रिक समाज… Read More "समुदाय में संवैधानिक मूल्य स्थापित करने में हमारी भूमिका"
मौलिक अधिकार एवं नीति निर्देशक तत्व संविधान सभा की 75 सदस्यीय परामर्श समिति ने मौलिक अधिकारों के निर्धारण के लिए… Read More "मौलिक अधिकार एवं नीति निर्देशक तत्व"
संवैधानिक मूल्य और मौलिक अधिकारों का अंतर्संबंध संवैधानिक मूल्यों पर चर्चाओं में बार–बार उस समय भटकाव आता है जब प्रतिभागी… Read More "संवैधानिक मूल्य और मौलिक अधिकारों का अंतर्संबंध"